मछली पालन का व्यापार (बिजनेस) कैसे शुरू करें 2022 | How to start fish farming business in Hindi

Table of Contents

Fish Farming Business – मछली पालन व्यापार कैसे शुरू करें?

मछली पालन का बिजनेस ही fish farming  बिजनेस हैं । मछली पालन का बिजनेस सफल बिज़नेस मे से एक हैं आजकल के समय मे लोग मछली का सेवन केवल स्वादिष्ट होने के कारण नहीं करते है . बल्कि इसके सेवन से अनेक लाभ प्राप्त होते है. इसीलिए इसका सेवन अधिक मात्रा मैं किया जाता है. मछली मे बहुत अधिक मात्रा मे प्रोटीन होता है  मछली की डिमांड ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों , दोनो मैं अधिक मात्रा मे है। आंकड़ों की बात करे तो भारत मे 60% से अधिक लोग मछली का सेवन करते है और करना पसंद करते है.

मछली पालन करने के लिए आपको कुछ बातो का ध्यान देना होता है

  • मछली तालाब बनाना
  • मछली की नस्ल की पहचान करना
  • मछलियों के लिए खाने पीने वाले दाने की व्यवस्था
  • मछलियों की देखभाल
  • मार्केटिंग करे
  • वातावरण के अनुकूल स्थान का चयन

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मछली पालन कैसे किया जाता है – जानिए यह व्यवसाय कितना लाभदायक है (Fish Farming)

this picture of fish farming with multiple types of fish in a pond.
मछली पालन

मछली पालन, सभी मौसम मैं की जा सकती है.  इसके लिए सबसे पहले आपको तालाब बनाना होगा . मछली पालन बिज़नेस कर रहे है तो कोशिश कीजिए की आप मछली पालन के लिए तालाब बरसात के मौसम से पहले ही बना ले.

जिससे आपको तालाब के लिए पानी की समस्या नही हो.

पानी भर जाने के बाद इस बात का ध्यान देना होगा की . तालाब के पानी साफ रहे , उसमे रहने वाले जीव कीड़े न हो,

इन सभी के उपलब्ध होने कर पानी मैं जाल चलाकर उसको टाइम टाइम पर साफ करते रहे. इस प्रकार के कीटनाशक दवा भी मार्केट मैं उपलब्ध है जिससे किट मार जाते है और उससे मछलियों को भी नुकसान नही होता है या आप महुवा खाली का भी प्रयोग कर सकते है.

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मछलियों की देखभाल (Care and management)

मछलियों को देखभाल बहुत जरूरी है. अगर आप मछली की देखभाल सही से नही करते है तो आपको बिज़नेस मे नुकसान हो सकता है.

जब भी आप तालाब मैं मत्स्यबीज डाले उससे पहले इस बात का ध्यान दे की आपके तालाब में मछलियों के लिए पर्याप्त मात्रा मे मछली आहार (प्लैंकटांन) है की नहीं ।

तालाब में प्लैंकटान की अच्छी मात्रा के लिए  आवश्यक  है कि गोबर की खाद के साथ सुपरफास्फेट की मात्रा 300 kg और साथ मैं  यूरिया की मात्रा 180 kg प्रतिवर्ष प्रति हेक्टयेर के साथ से डाली जाये। अतः साल भर के लिए निर्धारित मात्रा (10000 kg गोबर खाद, 300 kg  सुपरफास्फेट तथा 180 kg  यूरिया) की 10 मासिक किश्तों में बराबर-बराबर डालना चाहिए। इस प्रकार प्रतिमाह 1000 किलो गोबर खाद, 30 kg सुपर फास्फेट तथा 18 kg यूरिया का प्रयोग तालाब में करने पर प्रचुर मात्रा में प्लैंकटान की उत्पत्ति होती है। यह करना भी बहुत जरूरी है.जिससे आपकी मछलियां बहुत अच्छा प्रॉफिट दे आपको।

मछली पालन कैसे शुरू करें? (How to start Fish farming in India)

मछली पालन के लिए आपको बहुत सारी चीजों की जरूरत पड़ेगी.

  • किसी भी बिजनेस को सुरु करने से पहले एक प्रॉपर प्लानिंग की जानी चाहिए.
  • तालाब का सही प्रकार से बना होना
  • तालाब मैं  साफ सफाई का बना रहना
  • मछली नस्ल का सही चयन
  • मछली पालन साइट का सही चयन
  • पानी का सही और पर्याप्त मात्रा मैं होना
  • मछली के लिए दाना होना
  • तालाब का इनलेट और आउटलेट सही होना
  • नई नई तकनीक का प्रयोग करना जैसे  बायोफ्लॉक तकनीक

बायोफ्लॉक तकनीक -इस तकनीक मैं बैक्टीरिया के द्वारा ,मछलियों के मल और अतिरिक्त बचे हुए भोजन को प्रोटीन सेल मैं बदल kr , मछलियों के लिए वापस भोजन तैयार करना ।

मछली पालन के लाभ (Advantages of Fish Farming in Hindi)

  • अधिकतम लोगो द्वारा मछली का सेवन करना. जिससे मछली की डिमांड बने रहना.
  • मार्केट मैं मछली की कीमत अच्छी होना
  • इसके ज्यादा देख भाल की जरूरत नहीं होती हैं.
  • इसमें किसी मजदूर को रखने की जरूरत नही होती हैं घर परिवार का कोई भी सदस्य इस काम को कर सकता है.
  • अगर आपके पास पर्याप्त जगह नही है तो आप मछली पालन का बिज़नेस टंकी मैं भी कर सकते है जिसमे ज्यादा जगह की  जरूरत नही  होती हैं.
  • मछली पालन की बिज़नेस आप पार्ट टाइम भी कर सकते है.
  • इस बिजनेस में रिस्क कम होता है
  • मछली पालन के लिए बहुत सारी प्रजातियां आती है. जो आसानी से मिल जाती है. जिससे बिज़नेस करना आसान होता है.
  • कम लागत मैं ज्यादा प्रोफिट वाला बिजनेस है.

किस प्रजातियां ( नस्ल ) की मछलियों को पाले

मछली पालन के लिए सबसे महत्वपूर्ण है मछली की सही नस्ल का चुनाव करना. भारत मैं हिस्ला, ग्रास शार्प, टूना, मुरेल, कटला, मृगल, सिल्वर कार्प , और  रोहू जैसी मछलियों की नस्ल ज्यादा पाई जाती है. इन मछलियों का चयन करना बहुत आसान है और यह बहुत आसानी से सस्ते दामों मैं मिल भी जाती है .

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मछली के लिए आहार कैसे तैयार करें

आप मछलियों को जितना अच्छा आहार देगे वे उतना ही जल्दी  बढ़ेगी. इसीलिए मछलियों को अच्छी गुणवत्ता वाला खाना खिलाएं .

आप मछलियों को डेरी उत्पाद और सब्जियों इत्यादि को मछलियों को खिला सकते है.

मछली पालन के लिए ट्रेनिंग

आप मछली पालन के लिए फ्री मैं ट्रेनिंग ले सकते है. भारत मैं सरकार कृषि, पशुपालन के साथ साथ मछली  पालन को भी बड़ावा दे रही है.

  • केन्द्रीय मत्स्यिकी शिक्षा संस्थान, काकीनाडा
  • केन्द्रीय मात्स्यिकी शिक्षा संस्थान साल्टेक,कोलकाता
  • सेंट्रल इनलैंड फिशरीज रिसर्च इंस्टिट्यूट बैरकपुर, कोलकता
  • केन्द्रीय मात्सियकी शिक्षा संस्थान, पावरखेडा
  • कॉलेज ऑफ़ फिशरीज पंतनगर
  • केन्द्रीय मिठाजल जीवनयापन अनुसंधान संस्थान कौशल्यागंगा, (भुवनेश्वर)

आप इनमे से किसी भी सस्थान से फ्री ट्रेनिंग ले सकते है या जो इस बिज़नेस मैं पहले से है उससे मिलकर , उसका बिज़नेस देखकर ,कुछ आइडिया ले सकते  है. और बिज़नेस सुरु कर सकते है

टोल फ्री नम्बर (toll free number)

अगर आपको मत्स्य पालन मैं कही कोई समस्या आ रही है या आप कैसे इसकी ट्रेनिंग ले. इस सभी की जानकारी के लिए टोल फ्री नम्बर 1800-345-6185 पर कॉल कर सकते है.

मछली पालन में मुनाफा और लागत

50 हजार रुपिया मैं आप तालाब का 1 सेट बनाकर तैयार कर सकते है. और इसके बाद मछली के लिए आहार, बिजली और अन्य सुविधाएं , सब कुछ मिलाकर 2 लाख मैं आप एक अच्छा मछली पालन का बिजनस कर सकते हैं.

मछली को कब बाहर निकाले

जब आप इस बिजनेस को सुरु करेगे तो आपको धीरे धीरे समझ में आने लगेगा. मछलियों को आप बाहर तब निकाले जब आपको मछली का साइज, उसकी नस्ल के अनुसार बड़ी हो जाए . साथ ही आपको यह भी ध्यान देना होगा की किसी प्रकार की बीमारी होने पर मछलियों को तुरंत बाहर निकाल कर के साफ सफाई करें.

How to Start Fish farming Business 2022 | How to start a fish farming business

Fish Farming Business – How to start a fish farming business?

The business of fisheries is the fish farming business. The fish farming business is one of the successful businesses people do not consume fish in today’s time just because they are delicious. In fact, its consumption brings many benefits. That’s why it is consumed in large quantities. Fish contains a lot of protein   The demand for fish is high in both rural and urban areas. Coming to statistics, more than 60% of people in India consume and like fish.

  • You have to pay attention to some things to fish farming
  • fish pond
  • Identifying fish breed
  • Provision of food grains for fish
  • Fish Care
  • Market
  • Selection of environment-friendly location

How to fish farming is done – find out how profitable this business is(Fish Farming)

Fish farming,  all the weather I can be.  For this, you must first build a pond. If you are doing fish-farming business, try to make ponds for fisheries before the rainy season.

So that you don’t have water problems with the pond.

After the water is full, it has to be noted that. The water in the pond should be clean, and the living organisms should not be insects,

With all these available, I used to run a trap and clean it from time to time. This type of pesticide is also available in the market so that kits are killed and do not harm the fish or you can also use mahuva Khali.

Fish Care(Care and management)

Caring for fish is very important. If you don’t take care of fish properly, you may suffer in business.

Before you put fish seeds in the pond, make sure that your pond does not have enough fish feed for fish.

For a good amount of plankton in the pond, it is necessary to add 300 kg of superphosphate along with dung manure and 180 kg per hectare per year. Therefore, the prescribed quantity(10000 kg dung manure,300 kg superphosphate, and  180 kg urea) should be equally added in 10  monthly installments for the year. Thus,  1000 kg of dung manure,30 kg superphosphate, and  18 kg urea are used in the pond every month to produce abundant plankton. It is also very important to do this so that your fish give you a very good profit.

How to start fish farming? (How to start Fish farming in India)

  • You will need a lot of things to do fishfarming.
  • A proper planning should be done before starting any business.
  • proper lying of the pond
  • Pond I maintain cleanliness
  • Correct selection of fish breed
  • Correct selection of fish farming site
  • The right and sufficient amount of water I have to be
  • be a grain for fish
  • Inlet and outlet of the pond to be correct
  • Using new technologies such as biofloc techniques

Biofloc Technique – This technique change dispersion of bacteria, fish feces, and excess leftover stool into protein cells,  prepare food back for fish.

Benefits of Fisheries(Advantages of Fish Farming in Hindi)

Consuming fish by the maximum logo. So that the demand for fish remains.

The market I Fish Price To Be Good

It doesn’t need much care.

There is no need to hire a worker. Any member of the household can do this work.

If you don’t have enough space, you can also do a fishing business tank that doesn’t need much space.

You can also do fish farming business part-time.

The risk in this business is low

There are a lot of species for fisheries. Which is easily found. Which makes it easier to do business.

The low cost I have a business with more profit.

Which species of fish are reared ?

The most important thing for fisheries is to choose the right breed of fish. Fish breeds like Hisla, Grass Sharp,  Tuna,  Murel,  Katla, Mrigal,  Silver Carp, and Rohu are more common in India. These fish are very easy to choose from and are easily available at cheaper prices.

How to prepare a diet for fish

The better the food you feed the fish, the sooner they will grow. That is why feed the fish with good quality food.

You can feed the fish to the fish essays dairy products and vegetables etc.

Training for Fisheries

You can take free training for fisheries. The government in India is promoting agriculture,  animal husbandry as well as fisheries.

  • Central Institute of FisheriesEducation,  Kakinada
  • Central Institute of Fisheries EducationSaltek, Kolkata
  • Central Inland Fisheries Research InstituteBarrackpore,  Kolkata
  • Central Institute of FisheriesEducation,  Powerkheda
  • College of Fisheries Pantnagar
  • Central Institute of Salt Water Livelihood Research Kaushalyaganga(Bhubaneswar)

You can get free training from any of these locations or meet what I already have in this business,  look at its business,  get some ideas and start a business.

Toll Free Number (toll free number)

If you’re having a problem with fisheries or how you train it. For all this information, you can call the toll free number 18003456185.

Profits and costs in fisheries

50 thousand rupiahs I can prepare you by making 1 set of ponds. And then food for fish,  electricity and other facilities, altogether 2 million I can do you a good fish farming business.

When to take out the fish

When you start this business, you will gradually understand. You should also note that if you have any disease, you should immediately remove and clean the fish.

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