Jaivik Khad Business | जैविक खाद का बिजनेस कैसे शुरू करें | जैविक खाद in English

जैविक खाद का बिजनेस आईडिया, करने से कम लागत मै अच्छा मुनाफा कमा सकते है , केसे करें जैविक खाद का बिजनेस , जानें लाभ और हानि फुल जानकारी।

Table of Contents

जैविक खाद क्या है

आइये जानते है जैविक खाद क्या है उदाहरण पशु पक्षियों के मल मूत्र,अवशेष ,वनस्पतियों के पत्ते टहनियों को सड़ा गला कर है फार्म मैं तैयार की जाने वाली खाद को जैविक खाद कहते हैं . यह जैविक खाद पशु पक्षियों के मल मूत्र, वनस्पतियों के पत्ते टहनियों के विघटन से निर्मित होती हैं।

इस प्रकार की खाद को जीवांश खाद या कार्बनिक खाद भी कहा जाता हैं। जैविक खाद बनाने के लिए हमको कच्चे माल के रूप में पशु पक्षियों के मल मूत्र,अवशेष ,वनस्पतियों के पत्ते टहनियों ,शीप मेन्योर, पोल्ट्री मेन्योर, गोबर, कृषि कचरा और रॉक फॉस्फेट की जरुरत होती हैं ।

जैविक खाद के प्रकार

  • जैविक खाद
  • कम्पोस्ट खाद [organic compost]
  • गोबर की खाद
  • वर्मी खाद
  • हरी खाद

कम्पोस्ट खाद क्या है

कम्पोस्ट खाद बनाने की विधि मै विभिन्न प्रकार की फसलों के अवशेष, गन्ने की पत्तियों और पेड़ो की टहनियों को एक गड्डे मै डालकर, सड़कर तैयार की गई खाद को कम्पोस्ट खाद कहते हैं। यह खाद ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्रों मै बनाई और प्रयोग की जाती हैं।

जैविक खाद
image जैविक खाद | Jaivik Khad Business

कम्पोस्ट खाद बनाने की विधि

कम्पोस्ट खाद जैविक खाद का ही एक प्रकार हैं । इसीलिए इसे जैविक खाद भी कहा जा सकता हैं।
कम्पोस्ट खाद बनाने की विधि मै विभिन्न प्रकार की फसलों के अवशेष, गन्ने की पत्तियों और पेड़ो की टहनियों को एक गड्डे मै डाल दिया जाता हैं। उसके बाद उस गड्डे को मिट्टी से भर दिया जाता है.

इस गड्डे को भरते समय इसमें मिट्टी और पेड़ पत्तियों और फसलों के अवशिष्ट की परते बनाई जाती है । जिससे उसमे शुष्म जीवाणुओं द्वारा अपघटन की क्रिया जल्दी होती है ।

जिससे जैविक खाद में कम्पोस्ट खाद बनाने की विधि pdf भी डाउनलोड कर सकते है । कम्पोस्ट खाद बनाने की विधि मै यह खाद जल्दी तैयार हो जाती है । जैविक खाद के लिए सही स्थान गांव आदि को माना जाता है । क्योंकि इस प्रकार की जैविक खाद के लिए कच्चा मॉल गांव मै आसानी से उपलब्ध हो जाता हैं।

कम्पोस्ट खाद में क्या होता है

पेड़ पत्तियों और फसलों के सड़ने से बनी खाद
नाइट्रोजन 0.8% तक
फास्फोरस 0.6%तक
पोटाश की मात्रा 1% तक
साथ ही कम्पोस्ट खाद में होता है गन्ने की पत्तियों, पेड़ो की टहनियों , विभिन्न प्रकार की फसलों के अवशेष,

कम्पोस्ट खाद के फायदे

  • जैविक खाद का फायदे है कि यह सस्ता होता है । इससे फसल की पैदावार मै सीधे असर पड़ता हैं।
  • इससे पोषक तत्व , पेड़ सीधे ग्रहण कर लेते हैं ।
  • इससे मिट्टी की जल को धारण करने की क्षमता अधिक होती है। जिससे पानी की बचत होती है ।
  • इससे फसल की पैदावार क्षमता बढ़ती है।

कंपोस्ट खाद बनाने की विधियां

  • कोयंबटूर विधि
  • इंदौर विधि
  • बंगलुरू विधि

कम्पोस्ट खाद प्राइस 700 से 1000 रूपिये तक प्रति 10किलो होता है।

गोबर की खाद क्या है

गोबर की खाद भी Jaivik Khad ही है। इस प्रकार की जैविक खाद पशुओं के मल मूत्र यानी गोबर और उनके चारे से बनी होती है । इस प्रकार की जैविक खाद को बनाना बहुत आसान होता है। इसके लिए आप इसे एक खुले गड्डे मै या खुले स्थान पर रखकर छोड़ देते हैं।
यह गोबर खुली अवस्था मै होने के कारण हवा की नमी मै लीचिंग तथा वाष्पशीलता के कारण पोषक तत्वों मै बदल जाता है । गोबर की खाद का प्रयोग आप गोबर को कुछ समय तक खुले मे रखकर भी जैविक खाद के रूप मै प्रयोग कर सकते है । गोबर की खाद या जैविक खाद price का रेट 10-20 रूपीस/किलो होता है ।

यह Jaivik Khad सस्ती इसीलिए होती है क्योंकि यह खाद कुछ ही दिनों मै तैयार हो जाती है । मैक्सिमम 40 दिनों के भीतर यह Jaivik Khad तैयार हो जाती है या 40 दिनों के भीतर यह गोबर खाद तैयार हो जाती है ।

हरी खाद की परिभाषा

यह हरी खाद भी Jaivik Khad का एक रूप है ।
हरी खाद उस सहायक हरी फसल को कहते हैं। जिसकी खेती हम साधारण तरीके से पोषक तत्वों को बढ़ाने के लिए किया जाता हैं । यह हरी खाद या जैविक खाद मिट्टी की उर्वरक शक्ति और जैविक पदार्थों की पूर्ति हेतु प्रयोग की जाती है । इस प्रकार की जैविक खाद के लिए , मिट्टी के ऊपर हरी घास की स्थिति मै ही हल चला दिया जाता हैं। हरी खाद का फसल उपजाऊ होता है ।

हरी खाद की विधि

Jaivik Khad खाद मै हरी खाद , फसल के लिए बहुत महत्पूर्ण होती हैं।
हरी खाद के लिए हरी घास वाली फसले कोमल अवस्था मै , मिट्टी में उगाकर छोड़ दी जाती है। कुछ 30 40 दिनों के बाद हरी घास को काटकर गिरा दिया जाता हैं। और इस हरी घास को सड़ने गलने के लिए छोड़ दिया जाता है ।

जब हरी घास सड़ जाती है तो इससे मिट्टी के भौतिक और रासायनिक गुणों में सुधार आता है । और मिट्टी में वायु के कारण , पोषक तत्वों की मात्रा बढ़ती जाती है। साथ ही साथ ही हरी खाद से भूमि में नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है । Jaivik Khad या हरी खाद में नाइट्रोजन की मात्रा 70 से 150 किलो नाइट्रोजन प्रति हेक्टेयर तक बढ़ जाती है अब आपको समझ आ गया होगा की हरी खाद कैसे बनाये ।

हरी खाद के उदाहरण

  • ग्वार
  • मूंग
  • लोबिया
  • सनई
  • देंचा

हरी खाद के लाभ

  • यह हरी खाद आप घर पर भी बना सकते हैं
  • यह Jaivik Khad या हरी खाद बहुत कम समय में तैयार हो जाती है
  • हरी खाद के लाभ इसको इस्तेमाल करना आसान है
  • हरी खाद से मिट्टी में नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है
  • यह Jaivik Khad मिट्टी को उपजाऊ बनाती है
  • यह हरी खाद से पोषक तत्वों की मात्रा बढ़ती है ।
  • इस Jaivik Khad से मिट्टी के भौतिक और रासायनिक गुणों में सुधार आता है जिससे हमें अच्छी फसल की प्राप्ति होती है।

आप समझ गए होंगे की क्या हरी खाद के लाभ है ।जिससे आप इसे प्रयोग मै ला सकते हैं।

हरी खाद के उपयोग और हरी खाद के महत्व कृषि में अत्यधिक है । आप इस पर जितना अच्छे से काम करेंगे और जितना कृषि में प्रयोग करेंगे । आपको इतनी अच्छी फसल प्राप्त होगी ।

वर्मी कंपोस्ट खाद क्या है

वर्मी कंपोस्ट एक विशेष प्रकार की जैविक खाद हैं। जो केचुओ द्वारा तैयार की जाती हैं। केंचुओं द्वारा बनाई जाने वाली इस खाद को वर्मी कंपोस्ट खाद कहते हैं। और यह Jaivik Khad बनाने की प्रक्रिया वर्मी कंपोस्टकरण कहलाती हैं।

वर्मी कंपोस्ट खाद बनाने की विधि


आइए जानते है की कैसे आप वर्मी कंपोस्ट खाद तैयार कर सकते हैं।

  • इसके लिए सबसे पहले आपको गोबर को एक साथ रख देना होता है
  • अब इस गोबर मै केंचुओं को छोड़कर , किसी चीज से बंद/ढक कर दिया जाता है ।
  • इस वर्मी कंपोस्ट खाद के निर्माण मै नमी को बनाए रखने के लिए समय समय पर पानी डाला जाता है ।
  • इस गोबर को केंचुओं द्वारा खाया जाता है
  • केंचुओं द्वारा इस गोबर को खाने के बाद ,जो मल छोड़ा जाता है। उसे वर्मी कंपोस्ट खाद बनकर तैयार होती है ।

वर्मी कंपोस्ट खाद के मिश्रण मै कास्टिंग , केंचुओं का मल और केंचुए पाए जाते है । अब आप समझ गये होंगे की जैविक खाद कैसे बनाएं | हमने आपको 4 प्रकार की Jaivik Khad बताई है साथ ही बनाने की विधि भी |

जैविक खाद कंपनी के नाम

  • सिनजेंटा एजी
  • बायर क्रॉप साइंस
  • बीएएसएफ एसई
  • डॉव एग्रो साइंसेज
  • एफएमसीअदामा लिमिटेड
  • न्यूट्रीचैम कंपनी लिमिटेड
  • यूपीएल लिमिटेड
  • सुमितोमो केमिकल कं, लिमिटेड

कुछ जैविक खाद कंपनियों के नाम इस प्रकार हैं । यह जैविक खाद कंपनियां राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय दोनों स्तर पर हैं । इनके जैविक खाद प्लांट बहुत बड़े है लेकिन आप भी एक छोटे लेवल पर शुरु कार सकते है |

जैविक खाद व्यवसाय कैसे करें

इस व्यवसाय को करने के लिए आपको एफएसएसएआई मैं अपना व्यवसाय रजिस्टर करवाना होगा । अगर आपको एफएसएसएआई से लाइसेंस प् प्राप्त हो जाता है । तो उसे भारत में आप अपने व्यवसाय के लिए यूज कर सकते हैं। लाइसेंस केवल 5 वर्ष के लिए मान्य होता है
और आप जान ही चुके हैं कि कैसे आप खाद तैयार करेंगे

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आवश्यक डाक्यूमेंट्स

  • आधार कार्ड
  • पैन कार्ड
  • बैंक स्टेटमेंट
  • एनओसी
  • व्यापार समझौता
  • ड्राइविंग लाइसेंस
  • राशन कार्ड

अगर आपके पास इनमें से कोई डॉक्यूमेंट नहीं है तो आपको लाइसेंस नहीं दिया जाएगा ।

जैविक खाद के लिए लेबलिंग

  • खाट पैकेट के ऊपर संबंधित सामग्री से संबंधित जानकारी का उल्लेख
  • खाद के शाकाहारी और गैर शाकाहारी होने की जानकारी
  • अर्थ की मात्रा किलो में
  • खाद निर्माण तिथि
  • पदार्थ की समाप्ति तिथि
  • नियम, पालन और निर्देश

जैविक खाद व्यवसाय शुरू करने में लागत

Jaivik Khad बनाने का व्यवसाय अगर आप अपनी निजी जमीन गांव या घर के आसपास की जगह में शुरू करते हैं। तो यह कम से कम एक लाख रुपए से शुरू हो सकता है । अगर आप इसे कहीं अन्य स्थान पर जमीन किराए पर लेकर करते हैं । तब इसमें आपका 10 लाख या ज्यादा का खर्चा आ सकता है।

जैविक खाद कहां बेचे

आज का मनुष्य पढ़ा लिखा है और वह पढ़े लिखे होने के साथ-साथ अपने स्वास्थ्य के लिए भी जागरूक है इसलिए वह पासवर्ड और केमिकल युक्त चीजों से बचना चाहता है अब लोग केमिकल युक्त पदार्थों के स्थान पर जैविक खाद पदार्थों की मांग कर रहे हैं इसलिए वर्तमान में जैविक खाद की डिमांड बहुत अधिक बढ़ रही है और किसान भी इनका उत्पादन खूब कर रहे हैं।

यह आपके आसपास की दुकानों में बहुत ही आसानी से उपलब्ध है इसलिए आप इसे अपने आसपास की दुकानों या स्टोरों में भी भेज सकते हैं साथ ही न्यूज़पेपर में आर्टिकल छपवा कर भी अपने बिजनेस को बढ़ा सकते हैं यह बहुत सस्ती खाद है जिसे लोग आसानी से और जल्दी खरीदते हैं

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जैविक खाद का मतलब क्या होता है?

यह जैविक खाद पशु पक्षियों के मल मूत्र, वनस्पतियों के पत्ते टहनियों के विघटन से निर्मित होती हैं। इस प्रकार की खाद को जीवांश खाद या कार्बनिक खाद भी कहा जाता हैं। जैविक खाद बनाने के लिए हमको कच्चे माल के रूप में पशु पक्षियों के मल मूत्र,अवशेष ,वनस्पतियों के पत्ते टहनियों ,शीप मेन्योर, पोल्ट्री मेन्योर, गोबर, कृषि कचरा और रॉक फॉस्फेट की जरुरत होती हैं ।

जैविक खाद कैसे बनाई जाती है?

कम्पोस्ट खाद जैविक खाद का ही एक प्रकार हैं । इसीलिए इसे जैविक खाद भी कहा जा सकता हैं।
कम्पोस्ट खाद बनाने की विधि मै विभिन्न प्रकार की फसलों के अवशेष, गन्ने की पत्तियों और पेड़ो की टहनियों को एक गड्डे मै डाल दिया जाता हैं। उसके बाद उस गड्डे को मिट्टी से भर दिया जाता है. इस गड्डे को भरते समय इसमें मिट्टी और पेड़ पत्तियों और फसलों के अवशिष्ट की परते बनाई जाती है । जिससे उसमे शुष्म जीवाणुओं द्वारा अपघटन की क्रिया जल्दी होती है ।

घर में खाद कैसे तैयार करें?

आप घर मे छोटे स्तर पर गोबर खाद बना सकते है |

जैविक खाद के फायदे क्या हैं?

जैविक खाद का महत्व है कि यह सस्ता होता है । इससे फसल की पैदावार मै सीधे असर पड़ता हैं।
इससे पोषक तत्व , पेड़ सीधे ग्रहण कर लेते हैं ।
इससे मिट्टी की जल को धारण करने की क्षमता अधिक होती है। जिससे पानी की बचत होती है ।
इससे फसल की पैदावार क्षमता बढ़ती है।

प्राकृतिक खाद कौन सी है?

जैविक खाद
कम्पोस्ट खाद [organic compost]
गोबर की खाद
वर्मी खाद
हरी खाद

एक एकड़ मे कितना जैविक खाद देना चाहिए ?

15 से 20 क्विंटल प्रति एकड़ की दर से जैविक खाद

जैविक खाद बिजनेस के लिए कितना पैसा इन्वेस्ट करना होता है?

50 हजार से 1 लाख तक

जैविक खाद बिजनेस से आप कितना पैसा कमा सकते हैं?

महीने के कम से कम 50 हजार

एफएसएसएआई राज्य लाइसेंस कब जारी करती है ?

जब व्यवसाय का टर्नओवर ₹1200000 से ज्यादा का हो।

एफएसएसएआई सेंट्रल लाइसेंस कब जारी करती है ?

यदि व्यवसाय का टर्नओवर या कारोबार 20 करोड़ से अधिक का हो तब एफएसएआई के द्वारा सेंट्रल लाइसेंस प्रदान किया जाता है।

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